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रांची के साहित्यप्रेमियो आपके उत्साह को देखने से मैं वंचित रह गया!

डियर रांची, नमस्कार यह पत्र मैं आपको इसलिए लिख रहा हूं कि कल किसी अखबार, वेबसाइट या पत्रिका में अपनी कविता, कहानी प्रकाशित करवाने के लिए फोन करने से पहले, एकबार खुद से यह सवाल जरूर कीजियेगा कि आप साहित्य से, उन रचनाओं से कितना प्रेम करते हैं? मैं जानता हूं कि आपकी आबादी 12 लाख से भी ज्यादा है. आपके यहां देशभर के कुछ नामी कॉलेजेज, स्कूल्स हैं. केंद्रीय विश्वविद्यालय व रांची विश्वविद्यालय समेत कई यूनिवर्सिटिज हैं. ऐसे में दो-चार हजार साहित्य व कला प्रेमियों का एक जगह एकत्रित हो जाना कौन-सी बड़ी बात होगी? आपके ही हार्ट में बसे ऑड्रे हाउस को ढूंढ़ते हुए 8 दिसंबर की सुबह 11:25 में जब मैं वहां पहुंचा, तो उम्मीद कर रहा था कि मुझे दर्शक/श्रोता दीर्घा में बैठने की जगह शायद न मिले, क्योंकि मैं कार्यक्रम शुरू होने की टाइमिंग से पूरे 25 मिनट की देरी से ऑड्रे हाउस पहुंचा था. टाटा द्वारा आयोजित दूसरे 'झारखंड लिटररी मीट' के अतिथियों की लिस्ट देख कर मैं सोच रहा था कि रांची की साहित्यप्रेमी जनता वहां काफी संख्या में पहुंच गयी होगी. लेकिन मेरा यह अनुमान थोड़ा-सा गलत निकला. दरअस...

जब तक आप सोये रहेंगे, तब तक आपकी जिंदगी में रात होगी!

आज वर्ष 2018 की पहली सितंबर है। यहां से वर्ष 2019 के लोकसभा आम चुनाव में लगभग नौ महीने का समय शेष है। ऐसे में देश की वर्तमान राजनीति और इससे जुड़े विषयों पर बात करना एक 'जरूरी काम' है। जरूरी तो पहले भी था, लेकिन यह परीक्षा से पहले की तैयारी की तरह है। क्योंकि लोकतंत्र में सिर्फ वोट दे देने भर से आपका भार कम नहीं हो जाता है। लोकशाही की मजबूती के लिए आपको वोट देने से पहले गहण अध्ययन की भी जरूरत होती है। ताकि आप वोट देते समय सही निर्णय ले सकें। अन्यथा वोट देकर अगले पांच वर्षों तक पछताने के अलावा आपके पास और क्या रहेगा? यह काम ठीक उसी तरह जरूरी है, जैसे- सुबह जाग कर आप सबसे पहले फ्रेश होते हैं, फिर थोड़ी एक्सरसाइज या योगा कर चाय या अन्य पेय पदार्थ लेते हैं, फिर नाश्ता कर काम पर जाते हैं. इस तरह एक दिन की शुरुआत होती है। इस शुरुआत से लेकर रात को सोने के लिए बेड पर जाते समय तक आप उस दिन को पूरा कर चुके होते हैं। मेरे हिसाब से रात वह नहीं, जब अंधेरा होता है, बल्कि रात वह है, जब हम सो जाते हैं, या सोये रह जाते हैं। अब अगर दिन वाले हिस्से को यदि एक पूरी जिंदगी मान लिया जाये, त...